Answers

2015-05-30T13:33:53+05:30
a poem in hindi .........................
अमृत की 
एक बूँद से
अमरता मिल जाती है
स्वाति नक्षत्र 
की एक बूँद से
सीप ,मोती बन जाती है
एक 
औस की बूँद 
कर देती है स्वच्छ सुमन
एक ही
बूँद दे देती है नव जीवन

एक बूँद का नष्ट होकर भी
नही मिटता अस्तित्व

समाती है 
बादल मे धुआँ बनकर
एक-एक बूँद मिलकर
 बरसती है वर्षा बनकर
फिर से वही क्रम दोहराना
आना और फिर नष्ट हो जाना
भरती खुशियो से हर आँचल
धरा को देती हरियाला तल
देना ही जिसका स्वभाव
नही उस पर कोई प्रभाव
बस निष्काम भाव से होना समर्पित
परहित मे कर देना स्वयम को अर्पित
यह वही बूँद है ,हर बन्धन को
तोडने की ,शक्ति है जिसमे

भले ही नन्ही सी है,पर नही 
उस जैसा कोई महान
नही समझते यह सब बाते
लोग अनजान
कि बूँद से ही तो पलता है जीवन
 और खिलता है मन

0