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2015-06-23T16:00:18+05:30

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भारतीय संस्कृति के विकास मे तकनीकि सभ्यता का योगदान

समाज के विकसित होने के साथ साथ विज्ञान और तकनीकि का भी विकास हुआ हैं| तकनीकि का उपयोग मनुष्य ने अपने सांसरिक जीवन मे बहुत किया हैं| तकनीकि का प्रभाव भारतीय संस्कृति पर भी पड़ा । 

जीवन के सभी पहलुओ मे तकनीकि के अनेक लाभ हैं| परिवहन, चिकित्सा, संचार, अंतरिक्ष, शिक्षा आदि ऐसे अनेक क्षेत्र मे तकनीकि का अभूतपूर्व योगदान रहा हैं|आज तकनीकि के कारण ही,चिकित्सा के क्षेत्र मे कैंसर, हृदय रोग आदि जैसी गंभीर बीमारियों का उपचार संभव हो पाया हैं| पोलियो ,खसरा जैसी कई बीमारियों का टीकाकरण से रोकधाम विज्ञान द्वारा ही संभव हो पाया हैं|इस प्रकार भारत मे मृत्यु दर को कम करने मे तकनीकि  का महत्वपूर्ण योगदान रहा । रेल, कार, हवाईजहाज आदि के आविष्कार से ही आज दुनिया के किसी भी कोने मे  पहुँचना संभव हो पाया हैं|आज भारत मे कहीं भी आसानी से पहुंचा जा सकता है , इससे भिन्न भिन्न भारतीय संस्कृतियों का मिलन हुआ । संचार के क्षेत्र मे तकनीकि के आविष्कार जैसे टेलीफ़ोन, मोबाइलफोन ,इंटरनेट, का भारतीय संस्कृति का गहरा प्रभाव पड़ा । आज घर घर मे संचार के साधन उपलव्ध है। इससे पिछड़े हुए ग्रामीण इलाको को भी विकसित किया जा रहा है। तकनीकि सभ्यता  ने शिक्षा को सभी तक पहुंचाने का माध्यम दिया जिससे भारत मे शिक्षा दर मे वृद्धि हुई । तकनीकि के विकास से नए नए बांध बनाकर , पीने का पानी , सिंचाई का पानी आदि उपलब्ध हुआ जिससे भारतीयों का जीवन स्तर सुधरा। तकनीकि से नए नए क्षेत्र जैसे सूचना प्रोद्योगिकी , कम्प्युटर आदि क्षेत्र मे रोजगार उत्पन्न हुये जो कि संस्कृति के विकास मे सहायक है। कृषि की नई नई तक्नीकों से ,कृषि उत्पादन बढा जिससे भारत मे समृद्धि आई।

इस प्रकार निश्चित रूप से यह कहा जा सकता है कि भारतीय संस्कृति के विकास मे तकनीकि सभ्यता का अमूल्य योगदान रहा है और भविष्य मे भी भारतीय संस्कृति , तकनीकि के साथ विकास कि नई ऊंचाइयों को छूयेगी।
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