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2015-07-04T20:28:42+05:30

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शिशिर ऋतु के बाद बसंत ऋतु का आगमन होता है। इस ऋतु मे तापमान न ज्यादा गरम न ज़्यादा ठंडा होता है। इसी कारण से इस ऋतु मे मौसम बहुत सुहावना और अनुकूल हो जाता है। इन्ही खूबियों के कारण इस ऋतू को ऋतुओं का राजा यक ऋतुराज भी कहा जाता है। ऋतुराज बसंत का बड़ा महत्व है |इसकी छटा निहारकर जड़ चेतन सभी मे नव जीवन का संचार होता हैं |सभी मे अपूर्व ऊर्जा और आनंद की लहर आती है |स्वास्थ्य की दृष्टि से भी यह ऋतु बड़ी ही उपयुक्त हैं |इस ऋतु मे प्रात:काल    घूमने से मन मे प्रसन्नता और देह मे स्फूर्ति  आती हैं |स्वस्थ और स्फूर्ति दायक मन मे अच्छे विचार आते हैं | बसंत ऋतु की शुरुवात  बसंत पंचमी  के त्योहार से होती है। यह दिन विद्यार्थियो  के लिए भी विशेष महत्वपूर्ण दिन होता  हैं |इस दिन सभी विद्यालयों मैं माँ सरस्वती की अर्चना की जाती हैं और उनके आशीर्वाद से ज्ञान से आगे बदने की प्रेरणा ली जाती हैं ।  बसंत ऋतु ऋतुयों का राजा कहलाया जाता हैं |इसमे प्रक्रति का सौन्दर्य सभी ऋतुयों से अधिक होता हैं|वन उपवन भांति भांति  के पुष्पो से जगमगा उठते हैं |गुलमोहर ,चम्पा, सूरजमुखी और गुलाब के पुष्पो के सौन्दर्य से आकर्षित  रंग बिरंगी तितलियों और मधु मक्खियों मे  मधुर रसपान की होढ़ सी लगी रहती हैं |इनकी सुंदरता देख कर मनुष्य भी झूम उठता हैं|
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