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2015-07-16T17:47:13+05:30
मैरी क्यूरी रेडियोधर्मिता के क्षेत्र मे अपने काम के लिए प्रसिद्ध और दो बार नोबेल पुरस्कार से सम्मानित एक भौतिक विज्ञानी थी। मैरी क्यूरी नोबेल पुरस्कार जीतने वाली पहली महिला थी। क्यूरी ने पोलोनियम और रेडियम की खोज और एक्स-रे के विकास के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया। मैरी क्यूरी का जन्म 7 नवंबर 1867, को पोलैंड के वारसॉ में हुआ था। वह पांच बच्चों में सबसे छोटी थी। उनके माता पिता दोनों शिक्षक थे। बचपन मे वह एक उज्ज्वल और जिज्ञासु विद्यार्थी होने के साथ साथ , स्कूल में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया करती थी। क्यूरी ने 1893 में भौतिक विज्ञान में अपनी मास्टर डिग्री पूरी कर ली है और गणित में भी एक डिग्री प्राप्त की। उन्होने 26 जुलाई 1895 को फ्रांस के भौतिक विज्ञानी पियरे क्यूरी से शादी की ।मैरी और पियरे क्यूरी एक दूसरे के लिए पूरी तरह समर्पित एवं कुशल वेज्ञानिक थे।मैरी क्यूरी 1903 मे भौतिक विज्ञान में नोबेल पुरस्कार प्राप्त करने वाली पहली महिला बन गई ।1906 में, मेरी को एक जबरदस्त नुकसान उठाना पड़ा जब उनके पति पियरे का देहांत हुआ।1911 मे क्यूरी ने अपना दूसरा नोबेल पुरस्कार, रसायन शास्त्र में प्राप्त किया। वह पुरुस्कार रेडियम और पोलोनियम की खोज के लिए दिया गया था। रेडियोधर्मी सामग्री के साथ काम करने से क्यूरी के स्वास्थ्य पर दुष्प्रभाव हुआ। रेडियोधर्मी विकिरण के संपर्क मे लंबे समय तक रहने की वजह से 4 जुलाई 1934 को उनकी मृत्यु हो गई।आज भी कई शैक्षिक एवं अनुसंधान संस्थानों और चिकित्सा केन्द्रों मे मैरी क्यूरी के योगदान और उनकी खोज का उपयोग समाज के हिट मे किया जाता है ।
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