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2015-10-21T23:49:34+05:30

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    हमारे देश में हम बहुत सारे  त्योहार मनाते हैं ।  उन में हिन्दू, जैन, मुस्लिम, क्रिश्चियन, बौद्ध, पार्सी और सिन्धी मत के त्योहार सब जुड़े हैं।  इतने सारे त्योहार तो किसी और देश में नहीं हो सकते।  हर त्योहार के दिन सब दफ्तरों और विद्यालयों के लिए छुट्टी मिलती है।  त्योहारों के दिन लोग आनंद से समय बिताते हैं अपने परिवार, रिस्तेदार और दोस्तों के साथ।  त्योहार लोगों के जीवन में अभिन्नता (नीरसता/एक दिष्टता) हटाते हैं। नये रंग भरते हैं।

   हिन्दू मत के मुख्य त्योहार हैं मकर संक्रांति (पोंगल), युगादि(गुड़ी पड़वा), वसंत  पंचमी, श्रीराम नवमी, रथ सप्तमी, हनुमान जयंती, अक्षय तृतीय, नाग पंचमी, रक्षा बंधन (राखी),  श्रीकृष्ण जन्माष्टमी, महा शिवरात्री, गुरु पौर्णिमा, होलि, गणेश चतुर्थी, दशेरा (विजय दशमी), दीपावली, वैकुंठ एकादशी।  कार्तिक पौर्णमि और करवा चौत भी महिलाओं के लिए खास पर्व दिन हैं, जिस दिन पर वे व्रत रखते हैं और अपने पति के लंबे उम्र के लिए भगवान से प्रार्थना करते हैं।  हर नदी के नाम पर हर बारह साल में एक बार कुम्भ मेला (पुष्कर) का उत्सव मनाया जाता है। सब लोग उस नदी के किनारे पहुँचते हैं और नदी के पानी में स्नान करते हैं और उस प्रदेश के देव देवता का दर्शन करते हैं।

    क्रैस्तव त्योहार हैं गुड फ्राइडे, ईस्टर संडे, ब्लेस्सड वर्जिन और क्रिसमस। मुस्लिम मत में मुहर्रम, ईद, रमजान और बकरीद  प्रसिद्ध हैं।  सिख मत के खास त्योहार हैं वैसाखी और गुरु नानक जन्मदिन। बौद्ध मत में तो बुद्ध पौर्णिमा खास है। जैन लोग महावीर जयंती और पर्युषन मनाते हैं। पार्सी (ज़ोरोस्ट्रियन) लोग “नौरूज़” यानि साल के शुरुवाद मनाते हैं। और रविदस्सिया लोग गुरु रविदास जयंती मनाते हैं। सिंधी लोग  अपने नए साल का शुरुवाद छेटी चंद मनाते हैं।

     ये त्योहार सब लोगों की संस्कृति अनुसार या मत संबंध विषयों के आधार पर मनाए जाते हैं।  और देश में राष्ट्रिय स्तर पर सब लोग न्यू ईएर्स डे
, अंबेतकर जयंती, स्वतंत्र दिवस, अंतर राष्ट्रीय श्रामिक दिवस, गणतन्त्र दिवस, महात्मा गांधी जयंती, पंडित नेहरू जयंती भी मनाए जाते हैं।  नेहरू जयंती पर सब बच्चों के लिए छुट्टी और प्रत्येक प्रतियोगिताओं का आयोजन होता है।

 
      त्योहारों के दिन लोग मिठाई बाँटते हैं। घर में पकवान बनाते हैं। घर को साफ करते हैं।  नये कपड़े खरीदकर या सिलाकर पहनते हैं।  कुछ लोग सिनेमा देखते हैं।  अपने अपने घर में अपने मत के अनुसार पूजा करते हैं।  बहुत लोग तो सूर्योदय के पहले जागजाते हैं और घर के काम शुरू करलेते हैं।  आजकल तो त्योहारों के दिन राष्ट्रिय स्तर पर खेल होते है, तो सब लोग टीवी पर देखते हैं और अपनी प्रिय दल या खिलाड़ी का समर्थन करते हैं।  मत संबंध पर्व दिनों पर लोग उपवास (व्रत) रखते हैं। कर्मचारियों को बोनस के रूप में धन घर आता है।  हिन्दू मंदिर में बसे देव देवता के दर्शन करते हैं।  मुस्लिम तो मस्जिद जाकर प्रार्थना (नमाज़) करते हैं। क्रिश्चियन चर्च में जीसस और मेरी के प्रार्धना और ध्यान करते हैं। जैन और सिंग (सिख) अपने गुरुओं के मंदिर (गुरुद्वारा) जाते हैं।  

त्योहारों के बारे में:

    मकर संक्रांति (जनवरी) के दिन नये दंपत अपने ससुराल जाते हैं।  सिनेमा देखते हैं। (राइतु) किसान लोगों के पास फसल का काम पूरा होता है और धन और धान्य घर पहुँचते हैं।  वसंत पंचमी तो हसीन मौसम स्प्रिंग (वसंत मास) की शुरुवात है।  रथ सप्तमी का दिन  सूर्य भगवान की पूजा करते हैं।  महा शिवरात्रि के दिवस पर लोग भगवान शिवजी के पूजा और अभिषेक करते हैं।  रात भर जागरण करते हैं।

   होली के दिन शिवजी न अपने तपस्या भंग होने से गुस्से में तीसरी आँख से निकले आग से ने प्यार के देव का दहन किया। और प्रह्लाद की मामी राक्षसी होलिका का दहन हुआ।  श्रीराम नवमी पर भगवान राम (एक पत्नी व्रत रखा) पैदा हुए अयोध्या में। राक्षस राजा रावण को मारा और ऋषि, स्त्रियॉं का उद्धार किया ।

   हनुमान, सब बच्चों के दोस्त, ब्रह्मचारी वानर, राम और सीता को मिलाने वाले और राक्षस को मारने वाले हैं। अक्षय तृतीय के दिवस पर लोग सोना खरीदते हैं।  देवता लक्ष्मी जी का पूजा करते हैं।  नाग पंचमी पर साँप को देव या देवता मानकर उनके पूजा करते हैं।  इस त्योहार जंतुओं की इज्जत और रक्षा करना सिखाता है।

  
 रक्षा बंधन के दिन बहन अपने भाइयों के हाथ के कलाई पर राखी (रक्षा) पट्टी बांधती हैं।  लोग आपस में भाई चारा के रिश्ते बनाते हैं ।  भाई अपनी बहन की रखा का वादा करता है।  जन्माष्टमी पर कृष्ण ने यादव वंश में जन्म लिया।  उन्हों ने अपने मुल्क और उनपर भरोसा करनेवालों की रक्षा की। राक्षस नरक, शिशुपाल इत्यादि बुरे आदमियों को मारा । भगवद गीता दिया हम सब को।

 
   गणेश चतुर्थी  भगवान शिव और पार्वती के पुत्र गणपति के जनम दिन पर मनाते हैं।  इस दिन पर बच्छों से पूजा करवाया जाता है।  गणेश विद्यार्थियों के लिए अखंड ब्रह्मचर्य, एकाग्रता, पढ़ाई में प्रावीण्यता के देव हैं और वे अति कुशल और बुद्धिमान हैं।  विजय दशमी पर देवी पार्वती ने महिष नामक राक्षस का संहार किया।  दिवाली पर लोग नरक राक्षस के मरने की खुशी में और अनेक कारण से मनाते हैं।  लक्ष्मी देवीजी की पूजा करते हैं।

    गुड फ्राइडे और ईस्टर तो जीसस क्राइस्ट के मरने और फिर वापस आने के अवसर पर मनाते हैं।  क्रिसमस तो बच्चों को ठंडे मौसम में छुट्टी मिलता है। उनके माँ पिता नाना दादा मामा चाचा इत्यादि परिवार के लोग मिलते हैं । बच्चों को भेंट खूब मिलते हैं।  मत गुरु नानक , बुद्ध , महावीर के जन्म पर उन मत संबंधी लोग भकती से त्योहार मनाते हैं।  बुद्धा  ने लोगों को ज्ञान दिया और कहते हैं कि आत्मा रक्षा के लिए लड़ने के लिए मार्शल आर्ट्स उन्ही के देन हैं ।

   अंबेद्कर ने हमारे राष्ट्र के विधि, कानून के एक लेखक थे।  गांधी जे ने संसार को अहिंसा और सत्याग्रह का योगदान दिया।  नेहरू, पहले प्रधान मंत्री, देश उन्नति के लिए बहुत कोशिश किया।  गणतन्त्र दिवस पर देश ने स्वराज पालन शुरू किया।
अपने देश के विभिन्न संस्कृतियों का और देश के रक्षण बल का प्रदर्शन किया जाता है।
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गणतन्त्र दिन पर देश के और सब राज्यों के राजधानियों में सैनिक, बच्चे, सरकार के विभिन्न भाग, भाग लेते हैं।
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2015-10-22T22:32:54+05:30
हमारे देश मे तीन राष्ट्रीय पर्व मनाये जाते है स्वतंत्रता दिवस ,गणतंत्र दिवस और गांधी जयंती।स्वतंत्रता दिवस १५ अगस्त को मनाया जाता है क्योकि 15 अगस्त १९४७ को हमारे देश को अंग्रेजो से आजाद करवाया गया था । इस दिन हमारे राष्ट्रीय तिरंगे को प्रधानमंत्री द्वारा सलामी दी जाती है और शहीदो को याद किया जाता है । भारत के सभी सरकारी ,अर्द्ध सरकारी ,निगम एवं विभिन्न जगहों पर इस तिरंगे को लहराया जाता है।स्कूल एवं कॉलेज में विभिन्न कार्यक्रम एवं प्रतियोगिताएँ होती है तथा विजेताओं को पुरूस्कार देकर सम्मानित किया जाता है ।गणतंत्र दिवस २६ जनबरी को मनाया जाता है । इस दिन १९५० में हमारा सविधान लागू हुआ था । इस दिन दिल्ली के राजपथ पर विशेष परेड का आयोजन होता है । इस परेड मे तीनो सेनाये राष्ट्रपति को परेड द्वारा सलामी दी जाती है । देश के विभिन्न राज्यों से इस दिन विभिन्न विभिन्न कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है ।गांधी जयंती २ दिसंबर को मनाई जाती है । इस दिन हमारे प्रिय राष्ट्रपिता का जन्म हुआ था । इस दिन उन्हें याद करके उनकी समाधि पर फूल माला आदि अर्पित करते है महात्मा गांधी ने अहिंसा पुजारी थे। इस दिन रघुपति राघव राजा राम की कीर्तन ध्वनि, चरखा आदि कार्यक्रम का आयोजन होता है ।
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