Answers

2016-01-07T23:42:08+05:30
पूर्व और पश्चिम का मिलन

“अमेरिका के बहनों और भाईयों”
इन शब्दों से शुरू किया स्वामीजी ने
 
अपना उपदेश विश्व को,
पूव की सभ्यताओं के विषय में,
हमारी संस्कृति के विषय में,
भारत के सदियों से चली आ रही,
महान हिन्दू धर्म के विषय में

“मैं एक ऐसे सभ्यता से आता हूँ,
जिसने दुनिया को पहले सत्य
 
का पाठ पढाया और जो हज़ारों
 
वर्षों से करते आ रहा है,
सनातन धर्म का पालन
 

पश्चिमी सभ्यता में जाकर
विवेकानंद ने किया जागृत एक
उत्सुकता वहाँ, पूर्व को पहचानने की,
जिससे किआ उन्होंने,
 
पूर्वी और पश्चिमी संस्कृतियों का मिलन I
2 2 2