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2016-02-07T18:47:28+05:30

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बाढ़
भारी वर्षा के कारण भूमि के बहुत बड़े क्षेत्रफल पर नदी , नहर आदि के जल का फैल जाने की स्थिति ही बाढ़ कहलाती है ।  सामान्यतः नदी के आसपास वाले इलाको मे , वर्षा ऋतु के समय बाढ़ आने की संभावना अधिक होती है । गाँव , कस्बे ,शहर आदि मे बाढ़ आने की वजह से जन जीवन अस्त व्यस्त हो जाता है । कई बार बाढ़ आने की वजह से मकान ढह जाते है , जन धन की हानि भी होती है । बाढ़ से फ़सले भी नष्ट हो जाती है या फिर उन्हे काफी नुकसान हो जाता है । बाढ़ आने की मुख्य वजह तो भरी बारिश ही है परंतु कुछ अप्रत्यक्ष कारण भी है जैसे- जंगलों की अंधाधुंध कटाई , मिट्टी का कटाव , ग्लोबल वार्मिंग आदि। बाढ़ को रोकने के लिए नदियों पर बनाए गए बांध (डेम) काफी कारगर साबित हुये है। नए नए तालाब बनाकर भी बाढ़ को कम किया जा सकता है। परंतु बाढ़ एक प्राकृतिक आपदा है जिसे पूर्ण रूप से रोकना असंभव है । 
गंगा, दामोदर ,कोसी , ब्रह्मपुत्र् आदि भारत की नदियो द्वारा लगभग हर साल आसपास के इलाको मे बाढ़ लाई जाती  है। अभी कुछ वर्ष पूर्व , उतराखंड मे आई बाढ़ मे हजारो लोग मारे गए। शासन द्वारा भी बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए सेना की मदद से प्रयास किए जाते है ।
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2016-02-08T22:38:41+05:30

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अपने परिवेश को जाने संपादित करें

नये इलाके मे आने पर निची जगहों का पता लगाये।
पहले से ही स्थानीय ऊंची इलाके की और भागने का रस्ता सोच के रखें। कुछ रास्ते बन्द हो सकते है, कृपया एकाधिक रस्ता सोच के रखें।
आपातकालीन सेवायें - पुलिस, हस्पताल और फायर ब्रिगेड (दमकल विभाग) का फोन नम्बर अपने पास रखे और घरवालों के पास भी रखे।
कुछ सामान घर पर इक्ठटा रखें संपादित करें

१) अगर आप ऐसे इलाके में रहते है जहां बाढ़ की सम्भावना होतो पहले से आपातकालीन निर्माण वस्तुओ को इक्ठटा करें।

जैसे -
प्लावुड
प्लास्टिक/टार्पौलिन
काठ
कीला
हथौड़ा
आरी
बेलचा/खुरपा,
बाली से भरा बोरा, इत्यादि।
२) आपातकालीन स्तिथिओं के लिये कुछ सामान अपने पास थैली में रखें

जैसे -
टार्च और अतिरिक्त बैटरियाँ (सेल)
बैटरी-चालित रैडियो/ट्रान्सिस्टर और अतिरिक्त बैटरियां (सेल)
बैन्डेज़, गौज़, कटने-जलने की दवा
पेट खराब, बुखार, दर्द इत्यादि की दवा (और जो दवा घर के कोइ सदस्य को नियमित लेना पड़ता है)
पीने की पानी का बोतल (हर आदमी तथा औरत को हर दिन तीन लीटर पानी लगता है)
खाने का समान
पैसे
३) अपने ज़रूरी कागज़ात इक्ठटा रखे।

४) घर के बाढ़ बीमा करवायें और बीमा के कागज़ भी साथ रखें।

५) घर के कीमती सामान (फ्रीज़, टीवी) की सूची बनाये और उनके तस्वीरे भी खीचके रखें।

अपने घर को सुरक्षित बनाये संपादित करें

घर के पहली मंज़िल के दीवारों में सूजन से बचने के लिये उन्हे जल-रोधक केमिकल से सील करे।
घर के गन्दे पानी की ड्रेन में वाल्व लगवाये ताकि बाढ़ की पानी वहां से घर में न घुसे। आपातकालीन स्थिति में आप रबर कि गेंद इस्तमाल कर सकते है।
घर के गीजर, फर्नेस और स्विच/प्लग पायन्ट कमरे के ऊपरी हिस्से में लगवाये।
अपने परिवारवालों को आपातकालीन स्थिति के लिये तैयार करें संपादित करें

आफ़त आने पर यह सम्भव है कि आप और आपके घरवाले दफ्तर/कर्मस्थल/पाठशाला में फंस जायें।
इस स्थिति में दूसरे शहर में रहने वाले दोस्त/रिश्तेदार को पहले से 'सम्पर्क-व्यक्ति' निर्णय कर के रखें।
आपातकालीन स्तिथि में अक्सर दूर की टेलिफोन (एस.टी.डी) लायने काम करती है, पर स्थानिय (लोकल) फोन नही चलते।
यह ज़रूर जाँच ले की घर में सबको इस व्यक्ति का नाम, पता और टेलिफोन नम्बर पता है।
बिजली, पानी और गैस के लाइने बन्ध करना सीखे और घर में सबको सीखाये। बाढ़ में इन्हे बन्ध करना आवश्यक हो सक्ता है।
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