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2016-03-11T08:16:28+05:30
आज के युग में समाचार पत्र मनुष्‍य की दिनचर्या का आवश्‍यक अंग बन गया है। प्रात:काल से ही मनुष्‍य को इसका इंतजार रहता है। समाज की उन्‍नति में इसका अहम योगदान रहा है। हमारे आसपास व देश-विदेश की घटनाओं की जानकारी समाचार पत्र से ही प्राप्‍त होती है। समाचार पत्र का प्रकाशन कलकत्‍ता से प्रारंभ हुआ। पूर्व में समाचार पत्र का उपयोग सैनिकों द्वारा सूचना देने के लिए किया जाता था। हमें हर तरह की जानकारी इससे ही मिलती है। शिक्षा, खेल, मनोरंजन, साहित्‍य आदि की प्रमुख खबरें दैनिक समाचार में प्रकाशित होती हैं। हर देश में भिन्‍न-भिन्‍न भाषाओं में इसका प्रकाशन होता है। दैनिक समाचार पत्र के अलावा मासिक, पाक्षिक व साप्‍ताहिक पत्र-पत्रिकाओं का प्रकाशन होता है। हमें समाचार पत्र से घर बैठे देश-विदेश की गतिविधि का पता चल जाता है। समाचार के लेख, खबरें समाज की उन्‍नति में इनका विशिष्‍ट योगदान रहा है। इसका क्षेत्र काफी बढ़ गया है। समाचार पत्र संचार के साधनों में महत्‍वपूर्ण स्‍थान रखते हैं। समाचार पत्र हमें देश-विदेश से परिचय कराता है। समाचार पत्र के अलावा हमें टीवी, इंटरनेट पर भी खबरों की सुविधा मिल जाती है। यह न्‍याय के खिलाफ हमेशा तत्‍पर रहता है। पहले इतने साधन नहीं थे, लेकिन अब समाचार पत्र के कारण हमें नई-नई ज्ञान की बातें भी मिलती हैं। यह हमारे लिए ज्ञान का सशक्‍त माध्‍यम
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2016-03-11T11:52:59+05:30
समाचार-पत्र
हमारे जीवन में बहुत महत्व रखते हैं।
आज के समय में समाचार-पत्र,देश-विदेशके समाचारों,विचारों और सूचना के प्रसार का सुगमसाधन माने जाते हैं।
किसी भी देश से जुड़ी खबरें हों हमें इनके माध्यम से प्राप्त हो जाती हैं।
यह समाचारों की दुनिया है।
इस प्रकार की सूचनाएँ हमारे लिए बहुत लाभदायक होती हैं।
इनके कारण ही हम अपने देश से व अन्य देशों से जुड़े रहते हैं। यह कुछ पन्नों का एक ऐसा पत्र है,जिसमें हर प्रकार के समाचार छपे होते हैं।समाचार-पत्रलोकमत को दर्शाता है। इनके द्वारा प्रत्येक देश के लोगों के विचारों एवं उससे जुड़ी विचारधाराओं के प्रति महत्वपूर्ण जानकारियाँ प्राप्त होती है। इनके माध्यम से देश की आर्थिक,राजनैतिक,धार्मिक,वैज्ञानिक तथाखेल-कूदआदि से जुड़ी सभी घटनाओं की सही औरसटीक जानकारी प्राप्त हो जाती हैं।समाचार-पत्रमात्र जानकारियाँ ही नहीं देते हैं अपितु यह विज्ञापनों का भी प्रचार भी करतेहैं। आज ये वर-वधू,नौकरी,घर आदि ढूँढने का और अपने उत्पादों को बेचने का भी माध्यम बन गए हैं।समाचार-पत्रअपने विभिन्न स्तंभों के माध्यम से प्रचार करते हैं। समाचार-पत्रचूंकि हर वर्ग के घरों में पढ़ा जाता है,इससे यह प्रचार का सबसे सुगम और सस्ता माध्यम बन जाता है।समाचार-पत्रहमारे देश के विकास और प्रगति का महत्वपूर्ण आधार हैं। देश के राष्ट्रीय विषयों पर जनमत को बदलने में ये बहुत उपयोगी साबित होते हैं। समाचार-पत्रलोगों को उनके अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति अवगत कराते हैं। देश में व्याप्त समस्याओं पर यह पैनी नज़र रखते हैं और अपनी निष्पक्ष राय देते हैं।यह देश के नागरिकों का मार्ग प्रशस्त करते हैंऔर उन्हें देश की हर स्थिति से अवगत कराते हैं।पहले की तुलना मेंसमाचार-पत्रोंके स्वरूप में बहुत बदलाव आया है। अबसमाचार-पत्रोंमें हर विषय के लिए अलग-अलगस्तंभ की व्यवस्था की गई है। इससे हर क्षेत्र से जुड़े समाचार अलग से प्राप्त हो जाते हैं। एक ही समाचार-पत्रजहाँदेश-विदेशकी जानकारी देता है,तो किसी स्तंभ में विश्वभर से जुड़े खेल जगत के समाचारभी देता हैं। इसमें बाज़ार से जुड़े समाचारों की जानकारी भी मिलती है। यह विश्वभर में हो रही खोज़ों आदि की भी जानकारी देता है। यह बेशक कुछ पन्नों के हों परन्तु इसके अंदर मानोजैसे पूरा विश्व समा जाता है। यहीं कारण है कि यह घर-घरकी पहली पंसद है। प्रात:काल उठकर लोग सबसे पहलेसमाचार-पत्रपढ़ना ही पसंद करते हैं। यह उनकी महत्वपूर्ण आवश्यकता है। बदलते समय के साथ इनके स्वरूप में परिवर्तन हुए हैं। ये परिवर्तन एक तरफ सुखकारी हैं,तो दूसरी तरफ इनका एक पक्ष ऐसा भी है,जिससे कई बार असुविधा होती है। आज यह सेक्स व हिंसा को परोसने,फैशन और फिल्मी जगत की व्यर्थ की जानकारी भी देते हैं,इससे पाठकों पर बुरा असर पड़ता है। ऐसेसमाचार-पत्रअपने लाभ के लिए पाठकों को गुमराह करते हैं। कई समाचार-पत्रकिसी राजनैतिक दल का समर्थन करते हैं,तो कोई बस मसाला परोसने में व्यस्त रहते हैं। उनका लोकहित से कोई सरोकार नहीं होता है।
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