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2016-04-03T09:19:52+05:30

दूरदर्शन विज्ञान का अद्भुत चमत्कार है । सन 1901 में मारकोनी नामक वैज्ञानिक ने रेडियो का अविष्कार किया था । इसकी सहायता से हम देश विदेश में होने वाले कार्यक्रम सुन सकते है।टीवी रेडियो का विकसित रूप है । सन 1926 में जे एल ब्रेयर्ड ने लोगों को टेलीविजन से परिचित कराया । 1959 को दिल्ली में पहला दूरदर्शन केन्द्र स्थापित किया गया । आज दूरदर्शन मनोरंजन का एक लोकप्रिय साधन बन गया है ।

दूरदर्शन के काफी लाभ हैं । इसमें प्रसारित होने वाले कार्यक्रमों से दर्शन सीधे प्रभावित होते हैं । नाटक, संगीत, कला आदि से लोगों में सांस्कृतिक रूचि विकसित होती है। खेलों के सीधे प्रसारण से युवा वर्ग में खेलों के प्रति रूचि बढ़ती है । धार्मिक कार्यक्रम हमें हमारी संस्कृति और धर्म से परिचित कराते हैं ।

दूरदर्शन की हानियां भी हैं । लोग अपना बहुत सा समय टीवी देखने में खर्च कर देते हैं। ज्यादा समय टीवी देखने से लोगों में आपसी मेलजोल कम हो जाता है। इससे मनुष्य के सामाजिक जीवन पर बुरा प्रभाव पड़ता है। विद्यार्थियों की पढ़ाई में बाधा आती है। अधिक टीवी देखने से आँखें कमजोर होती हैं।

अतः एक निर्धारित समय पर ही टीवी देखना चाहिए जिससे कोई हानि न हो ।

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2016-04-03T11:57:02+05:30
Labh:-doordarshan ko manoranjan evam gnanvardhak drushti se dhekem to yah ek atyant upyogi vastu hi | isse hame vishv ke vibinn kshetrom me ho rahi pragati ki nayi-nayi jankari prapt hoti hi|doordarshan par samachar,geeth,sangeet,nruthy,dharavahik chal chitro. me hamara barpur manoranjan hota hi| doordarshan par vyapari vignapan dekar apni cheezom ka prachaar karte hi| bhachom we sambandit kayi upyogi karyakram dikaaye jaate hi| hani:-labh me sath doordarshan se kuch haniyom bi hi| doordarshan dekhne me karan bhache dang se pad nahi pa rahe hi tata padayi me kamjor ho rahe hi|kuch channelom par ashleel karyakram dikakar hamari samskruti ka sarvnash kar rahe hi| der rat tak baitne par bi bura prabhav pad raha hi|
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