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2015-02-12T19:27:43+05:30
मेरे जीवन का लक्ष्य है एक बड़ा इंजीनीयर बनना और बहुत धन कमाकर धनवान बनना और एक व्यापार कम्पेनी चलाना ।  इस लक्ष्य को पाने के लिये मैं बहुत कोशिश करूंगा  ।  मुझे  पढ़ाई बहुत अच्छा लगता है।

  मैं  सब विषय पसंद करता हूँ और अच्छी तरह समझने के लिये मेहनत करता हूँ ।  आगे जाकर मैं  एक विख्यात विश्‍वविद्यालय में पढूंगा ।  मुझे अपने देश की भलाई  लिये भी कुछ करने का सोचता हूँ।   मेरे दोस्त और मेरे माता और पिताजी भी मुझसे सहमत हैं। वे मुझे अपना हात  भी देंगे मेरे जिंदगी में आगे बढ़ने के लिये ।  

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2015-02-12T20:29:47+05:30
प्रत्येक मनुषय के मन में अनेक प्रकार की सोच उमड़ती रहती है. जिवन में अपने उद्देदेश्य के बारे में कुछ-न-कुछ फैसला करता है. हर व्यक्ति चाहता है कि वह अपने जीवन में कुछ-न-कुछ ऐसा कार्य कर जिससे उसका समामान हो. सबके बारे में सोचकर अंत में मैंने अध्यापक बनने का निश्चय किया है आध्यापक के कार्य में धन की अधिक प्राप्ति नही होती, परांतु मुझे लगता है कि अध्यापक ही रष्ट्र का वास्तविक निर्माता होता है. अध्यापक का कार्य पवित्र कार्य है. मै तो जीवन में ऐसा अध्यापक बनाना चाहता हूँ जो समाजसेविहो,कर्तव्यनिष्ठ हो तथा जो राष्ट्र कर्णधारा को सही मार्ग की और अग्रसर करे.वास्तव में अध्यापक ही छात्र -छात्रा में उत्तम चरातरा का निर्माण कर सकते है . मेरी भगवान से यही प्रार्थना है कि मैं अपने उद्द्देश्य में सफल हो जाऊँ
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