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2015-07-14T12:25:32+05:30
ग्रामीण संस्कृति मे लोग मुख्यतः किसान या श्रमिक होते है और उनके जीवन यापन का साधन कृषि होता है , जबकि शहरी संस्कृति के लोग मुख्यतः नौकरी और वयवसाय से जुड़े होते हैं। ग्रामीण संस्कृति का प्रकृति और पर्यावरण के साथ अच्छा सामंजस्य देखने को मिलता है वहीं दूसरी ओर शहरी क्षेत्र के लोग आधुनिकता और उद्योगिकीकरण के निकट होते है। गाँव के लोग प्रकृति प्रेमी होते है एवं प्रकृतिक संसाधन जैसे नदी , कुए, वन आदि का सम्मान करते है । जबकि शहर के लोग मुनिसिपलिटी के द्वारा दिये गए जल का उपयोग करते है। गाँव मे पालतू पशु जैसे गाय , भैंस , बकरी , कुत्ता आदि बहुतायत से पाले जाते है । जबकि शहर मे ईएसए कम देखने को मिलता है। यहाँ पर आधुनिक साधनो का उपयोग सीमित तौर पर किया जाता है, वही दूसरी ओर शहर मे विज्ञान और तकनीकी का बहुतायत से उपयोग होता है । प्रकृति के निकट एवं मेहनती जीवन शैली एवं, प्रदूषण मुक्त वातावरण आदि के कारण ग्रामीण संस्कृति स्वास्थ्य की दृष्टी से लाभदायक होती है । जबकि आजकल शहरी क्षेत्र मे वातावरण ज्यादा प्रदूषित हो गया है । गाँव मे लोग सामान्यतः बड़े परिवारों मे रहते है जिसमे परिवार के बच्चे –बुजुर्ग सभी एक साथ एक ही घर मे रहते है और शहर मे एकल परिवार ज़्यादा देखने को मिलते हैं। ग्रामीण संस्कृति के कुछ दूसरे पहलू भी है जैसे- शिक्षा , चिकित्सा , परिवहन आदि के सीमित सुविधाए ही गाँव मे उपलव्ध होती है । और शहर मे ये सुविधाएं सरलता से उपलब्ध होती है ।
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