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2015-07-19T11:22:22+05:30
इंटरनेट के व्यापक इस्तेमाल को अभी कुछ ही दशक हुए हैं परंतु इसने अपना जाल सम्पूर्ण विश्व में फैला लिया है। आज बच्चे से लेकर बुजुर्ग सभी वर्ग के लोग इंटरनेट के उपभोक्ता हैं। ऐसा प्रतीत होता है कि इंटरनेट ने अपनी एक अलग छद्म दुनिया ही बना ली है।
इंटरनेट की ये दुनिया एक अभिशाप के समान अपने दुष्प्रभाव से इंटरनेट उपभोक्ताओं के जीवन को प्रभावित कर रही है। इंटरनेट के आने से लोगो का शारीरिक कार्यकलाप कम हो गया है आज सबकुछ इंटरनेट के माध्यम से एक क्लिक पर उपलब्ध है। पिज़्ज़ा से लेकर एयर टिकट तक सभी  इंटरनेट से खरीदे जा सकते है। इंटरनेट के गेम खेलने से बच्चों का शारीरिक खेल खेलना कम हो गया है जो स्वास्थ्य की दृष्टि से लाभदायक नहीं है।
इंटरनेट के मोबाइल फ़ोन में आ जाने से लोगो की याद्दाश्त कम होती जा रही है क्योंकि किसी भी प्रश्न का उत्तर चाहिए तो सर्च इंजिन उसका जबाब सेकंडो में दे देता है। इसके साथ ही लोग लिखने से ज़्यादा टाइपिंग पसंद करने लगे हैं।
इंटरनेट पर सभी विषय की अच्छी और बुरी दोनों प्रकार की सामग्री उपलब्ध है। असामाजिक तत्व भी आसानी से युवाओं को बुरे रास्ते पर धकेल सकते है। इंटरनेट से युवाओ और विद्यार्थियों का कीमती वक्त बर्बाद होता है। इंटरनेट के आने से लोगो में सामाजिक व्यवहरिता और नैतिकता भी कम हो गई है।
इस प्रकार इंटरनेट समाज के लिए एक अभिशाप के समान है।
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