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2017-01-19T16:45:38+05:30
गाँधी जी महापुरुष थे । वह मानवता के संरक्षक थे । वे दीन-दुखियों के सहायक और अहिंसा के पुजारी थे । वे भारत की स्वतंत्रता का बिगुल फूँकनेवाले महान स्वतंत्रता सेनानी थे । वे दूसरों की पीड़ा समझने वाले महान संत थे । इस महापुरुष का जन्म 2 अक्यूबर, 1969 को गुजरात में हुआ था । इन्हीं का जन्मदिन हम लोग गाँधी जयन्ती के रूप में मनाते हैं ।

महापुरुषों का जन्म यदा-कदा ही होता है । उनका जन्मदिन विशेष महत्त्व रखता है । यह दिन लोगों को उनके व्यक्तित्व की विशेषताओं की याद दिला जाता है । इस दिन लोग उनको याद करते हैं और उन्हें श्रद्‌धांजलि अर्पित करते हैं । दिल्ली स्थित राजघाट पर महात्मा गाँधी का समाधिस्थल है । गाँधी जयन्ती के दिन लोग यहाँ बड़ी संख्या में आते हैं । राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री तथा अन्य नेतागण यहाँ उपस्थित होकर राष्ट्र की ओर से उन्हें नमन करते हैं । गाँधी जी के प्रिय भजनों का गायन होता है- “वैष्णव जन तो तेने कहिए जो पीर पराई जाने रे ।’’ यह भजन गाँधी जी को अत्यंत प्रिय था । वे राम में रहीम और रहीम में राम के दर्शन करते थे । भजन-संध्या में उनके इन्हीं विचारों को याद किया जाता है ।

गाँधी जयन्ती के उपलक्ष्य में देश भर में अवकाश रहता है । इस दिन लोग गाँधी जी के आदर्शों का स्मरण करते हैं । कुछ लोग चरखा चलाते हैं । कहीं खादी के वस्त्रों की तो कहीं हथकरघे के वस्त्रों की प्रदर्शनी लगती है । विद्‌यार्थी सामुदायिक कार्यक्रमों
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