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2015-12-18T16:15:38+05:30
अटल बिहारी वाजपेयी
" मैंने भूख और अभाव मुक्त भारत का सपना देखा है "
उनके इस सपने को साकार करने हेतु हम भारत के युवा :


‘ हे मेरी मातृभूमि, क्या यह सच है ?
की तुम दूर-दूर तक कभी जानी जाती,
‘ सोने की चिड़िया ’  के नाम से ?
मगर ऐसा क्या होगा है तुमको ?
की अब मुझको तुम पंचान में न आती ? ’

जब पूरे-पूरे खेत बंट जायें भाजन धर विभाजन से,
जब अज्ञानता की वजह से पुरे-पुरे फ़सल बर्बाग हों,
तब कहाँ से हम अपने भूक से निधार बच्चों को ?
दे पाएंगे एक उज्जवल भविष्य की आशा ?

एक दूरदर्शी प्रधानमंत्री ने देश के बारे में कहा था:
की केवल भारत खुदको
गरीबी और भुखमरी की इस बीमारी से
उसके नागरिकों मुक्त कर सकते हैं।


भारत की भूक मिटने को, अन्न के अभाव हटाने हेतु
एक नए सिरे से किसानों को लेकर
खेतों का उत्पादन बढानी होगी
पुराने शिल्प से लोगों की पेट नहीं भरेगी
आधुनिक तरीकों से, जिससे खेत और उपजाऊ हों 
उन्हीं से होगा वाजपेयी जी का सपना साकार I




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