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2016-01-14T10:23:20+05:30
स्वामी विवेकानंद से प्रेरणा 

“जागो, उठो, और तब तक नहीं रुको,
जब तक तुम्हारी मंजिल न पा लो” 
स्वामी विवेकानंद के इस मूल मंत्र ने
 
नजाने कितने करोड़ों भारतीयों को
किया प्रेरित, अपने कर्यषेत्र पर 

थे वे मात्र एक युवा, जब धर्म की खोज में
 
निकल पेड एक सच्चे गुरु की तलाश में
जो उनको बता पाएं की क्या है भक्ति,
और क्या है सच्ची निष्ठा जीवन का
जिसे बनाया उन्होंने अपने जीवन का आधार

भारत की ओर से वे गए चिकागो के
विश्व धर्म सम्मलेन में और वहाँ
किया भारत के प्राचीन संस्कृति का गुणगान
बतलाया सारे विश्व को, हमारे देश के 
हिन्दू धर्म की पुरातन ज्ञान
ऐसे कौन से क्षण नहीं थे उनकी जीवन में ? 
जिनसे न ले सकें हम प्रेरणा ?


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