Answers

2016-02-05T17:37:47+05:30
चूल्हे की 
जलती रोटी सी 
तेज आँच में जलती माँ !
भीतर -भीतर 
बलके फिर भी 
बाहर नहीं उबलती माँ !

धागे -धागे 
यादें बुनती ,
खुद को 
नई रुई सा धुनती ,
दिन भर 
तनी ताँत सी बजती 
घर -आँगन में चलती माँ !

सिर पर 
रखे हुए पूरा घर 
अपनी -
भूख -प्यास से ऊपर ,
घर को 
नया जन्म देने में 
धीरे -धीरे गलती माँ !

फटी -पुरानी 
मैली धोती ,
साँस -साँस में 
खुशबू बोती ,
धूप -छाँह में 
बनी एक सी 
चेहरा नहीं बदलती माँ !
1 5 1