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2014-11-18T20:10:59+05:30

स्वच्छ भारत अभी की शुरुवात नरेंद्र मोदी ने किया था.

ये २ अक्टूबर को आरम्भ हुआ था.

२ अक्टूबर को मोहन दास करमचंद गांधीजी का भी जनम दिन है.

ये चाहते थे की भारत सिर्फ स्वतंत्र नहीं होगी , भारत स्वच्छ भी होगा.

इसीलिए इस अभियान को इनके जनम दिन पर आरम्भ किया गया है.

हम सब का भी कर्त्तव्य बन ता है की हम सब मिलकर इस में योगदान करेंगे.

हमें अपने घर को स्वच्छ बनाना चाहिए.

हमें हमरे घर के शौचालय भी स्वच्छ रखना चाहिए.

बगीचे में कूड़े नहीं फेक ने चाहिए.हमारा दूसरा घर है विद्यालय .

हमें इसे भी स्वच्छ रखना चाहिए.

इस तरह से हम भारत को स्वच्छ बना पाएंगे.

भारत स्वच्छ होगा तोह हम भी स्वस्थ रहेंगे.

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2014-11-18T20:35:06+05:30

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प्रधान मंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने २ (2) अक्टोबर २०१४ (2014) को स्वच्छ भारत का  अभियान शुरू किया। नरेन्द्र मोदी ने अभियान शुरू करते हुए कहा कि महात्मा गाँधी के दो सपने थे, स्वराज और स्वच्छ भारत। स्वराज तो मिल गया। स्वच्छ भारत अभियान अब गांधीजी के १५० वाँ (150) जन्मदिन पर नयी दिल्ली के राजपथ पर  शुरू किया गया।
 
     मोदी ने इसमें खुद भाग लिया और खचरे को (खचरा) साफ किया। भारत के सभी नागरिको का यह एक सामाजिक जिम्मेदारी बनता  है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार करीबन छे हजार पांच सो रुपये (Rs 6,500) औसत हर साल एक आदमी की  चिकित्‍सा और स्वास्त्य में खर्च होता है। स्वच्छ भारत अभियान से सार्वजनिक स्वास्थ्य और सफाई  बढ़ेंगे  और गरीबों के पैसे भी  बचेंगे। इस से भारत का आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।

 
     लोग १०० (100) घंटे सालीनान (दो घंटे हर हफ्ता) अभियान में लगाएंगे । यह धीरे धीरे जन आंदोलन बनेगा। लोग ना गंदगी करेंगे और ना करने देंगे ।  सौचालय भी बनाने होंगे। इस अभियान में प्रसिद्ध नागरिकों को भी आमंत्रित किया गया । अभियान एक  मानव शृंखला बनकर और बढ़ेगा। अखबार, टीवी और रेडियो पर प्रसारणों और चर्चाओं लोगों की जानकारी बढ़ेगी । 

     देश भर के नेताओं ने अभियान में हिस्सा लिया और उसे जारी रखने  की  कसमें खाई। इस अभियान से सब बच्चे साफ सुधरा रहेंगे। अच्छे संस्कार सीखेंगे। समाजिक समस्याओं की हल निकालना सीखेंगे और समाज में लोगों के साथ काम करना भी सीखेंगे।  कुछ सालों में भारत पाश्च्यात्य देशों की तरह अच्छा दीखेगा। यह सब के लिये बहुत ही बढिया है।
 
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