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2014-11-25T14:28:43+05:30

"सफाई भक्ति की दिशा में एक मार्ग है"  जब भी मैं is बात को सोचता हूं मुझे स्वयं सफाई के बारे मै बात याद आता है | मुझे फिर हमारे सम्मान के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की बात याद आता है |

स्वच्छ भारत अभियान हमारे सम्मान के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 2 अक्टूबर 2014 पर शुरू किया गया था। गांधी जी हमेशा स्वच्छ भारत चाहते हैं। यह भारत में स्वच्छता की दिशा में उठाए गए एक बड़ा कदम है। यह गांधी जी के लिए एक उपहार है। स्वच्छ भारत अभियान शुरू किया गया था: -2 अक्टूबर को गांधी जी का जन्म हुआ था।

हमारे प्रधानमंत्री ने नई दिल्ली में इसे शुरू कर दिया है और अपने शहर को साफ करने के लिए सभी को संदेश दिया।

  तारक मेहता का Oolta चश्मा, सचिन तेंदुलकर, आमिर खान आदि की पूरी टीम है, जो इस बात के लिए हमारे प्रधानमंत्री नौ लोगों को चयनित किया गया है

इस अवसर नरेंद्र मोदी पर खुद कई परिवेश साफ

"सफाई भक्ति की दिशा में एक मार्ग है"

तो आओ और हमारे देश स्वच्छ और हरे रंग बनाते हैं।

अंतिम म मैं कहना चाहना चाहता हूं की मन की सफाई भी जरूरी है |
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2014-11-28T20:42:24+05:30
स्वच्छ  विद्यालय और स्वच्छ  भारत, एक बढिया विचार है। इस  से हिंदुस्थन  और  हिन्दुस्थानियों  का  भलाई  होगा।  यह सही समय है कि हम पूरे देश भर  की इस समस्या का हल निकालें ।

        2 अक्टोबर 2014 को प्रधान मंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने  स्वच्छ भारत  अभियान का  शुभ आरंभ  किया।  महात्मा गाँधी का  यह एक सपना था कि  सब  भारत वासी स्वच्छता के बारे में सीखें और उसका अमल करें।  वे पर्यवरण को साफ रखने में काफी ध्यान देते थे।  

    अगर सब नागरिक छोटे और  बड़े अपने घर को और आसपास  के जगहों को साफ रखें तो बीमारियाँ फैलना बंद हो जायेंगी। हमारा घर, मुल्क, और देश सुन्दर दीखेंगे।  सफायी के मामले में हम हिंदुस्तानी विदेशी वासियों से बहुत पीछे हैं। भारत को स्वच्छ और साफ रखने से हमारे पैसे, जो अस्पतल में और दवाइयों के लिये खर्च कराटे हैं,  बच जायेंगे ।  हम देश को विकास की और ले जा सकेंगे।   सफाई और स्वच्छता  भारत के सभी नागरिकों  की एक सामाजिक जिम्मेदारी बनती है। 

   स्वच्छ भारत से सार्वजनिक स्वास्थ्य और सफाई  बढ़ेंगे  और गरीबों के पैसे भी  बचेंगे।  इस से  भारत की  आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।  सिर्फ दो घंटे हर हफ़्ते  लगाना है हमें  इस काम में।   स्वच्छ भारत में  लोग ना गंदगी करेंगे और ना करने देंगे । 

    विद्यालयों में छोटे बच्चे सफाई और स्वास्थ्य के बारे में सीखते हैं। गंदगी, कूड़ा, और कचरे से होनेवाले  नुकसान भी समझते हैं।  विद्यार्थी  बडे  हो कर जब  नागरिक  बन  जायेंगे, तब भारत को स्वच्छ और साफ रखेंगे। विद्यार्थियों को सवास्थ्य के बारे मे जानकारी होने से वे अच्छे संस्कार भी सीखेंगे।  और अपने परिवार के स्वास्थ्य के  बारे में भी जागरूक रहेंगे।  

   विद्यालयों में  विद्यार्थियों को  सब  कुछ  साफ रखने  की  आदत  पड  जाती है, तब वे बिना बताये  ही अपनी जगाह के साथ साथ असपास के जगहों को भी साफ और सुन्दर रखने का जिम्मेदारी ले लेंगे।  जहाँ पर सरकार या नगर पालिका अच्छा  प्रबन्धन नहीं कर पाती है, वहां  कुछ स्वैच्छिक संस्थानों  को सफाई  के  कम  सौंपना  चाहिये।  इन संस्थानों को कुछ नाममात्र भुगतान भी दिया जा सकता है। 

     हमें  गावों में और ज्यादा  शौचालय बनाने होंगे।  इस में नगर मुनिसिपलिटी और पंचायत की विशेष  भूमिका है। भारत की स्वच्छता की यह  कोशिश  मानव  शृंखला  बनकर  और  बढ़ेगा।  अखबार, टीवी और रेडियो पर प्रसारणों और चर्चाओं लोगों की जानकारी बढ़ेगी ।  कुछ  सालों के बाद हिंदुस्तान पश्चिमी देशों  जैसे एकदम बढिया और सुन्दर हो जाएगा।  यह   मेरी आशा है। 
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