Answers

2014-12-26T10:55:06+05:30

स्वच्छ  विद्यालय और स्वच्छ  भारत, एक बढिया विचार है। इस  से हिंदुस्थन  और  हिन्दुस्थानियों  का  भलाई  होगा।  यह सही समय है कि हम पूरे देश भर  की इस समस्या का हल निकालें ।         2 अक्टोबर 2014 को प्रधान मंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने  स्वच्छ भारत  अभियान का  शुभ आरंभ  किया।  महात्मा गाँधी का  यह एक सपना था कि  सब  भारत वासी स्वच्छता के बारे में सीखें और उसका अमल करें।  वे पर्यवरण को साफ रखने में काफी ध्यान देते थे।       अगर सब नागरिक छोटे और  बड़े अपने घर को और आसपास  के जगहों को साफ रखें तो बीमारियाँ फैलना बंद हो जायेंगी। हमारा घर, मुल्क, और देश सुन्दर दीखेंगे।  सफायी के मामले में हम हिंदुस्तानी विदेशी वासियों से बहुत पीछे हैं। भारत को स्वच्छ और साफ रखने से हमारे पैसे, जो अस्पतल में और दवाइयों के लिये खर्च कराटे हैं,  बच जायेंगे ।  हम देश को विकास की और ले जा सकेंगे।   सफाई और स्वच्छता  भारत के सभी नागरिकों  की एक सामाजिक जिम्मेदारी बनती है।     स्वच्छ भारत से सार्वजनिक स्वास्थ्य और सफाई  बढ़ेंगे  और गरीबों के पैसे भी  बचेंगे।  इस से  भारत की  आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।  सिर्फ दो घंटे हर हफ़्ते  लगाना है हमें  इस काम में।   स्वच्छ भारत में  लोग ना गंदगी करेंगे और ना करने देंगे ।      विद्यालयों में छोटे बच्चे सफाई और स्वास्थ्य के बारे में सीखते हैं। गंदगी, कूड़ा, और कचरे से होनेवाले  नुकसान भी समझते हैं।  विद्यार्थी  बडे  हो कर जब  नागरिक  बन  जायेंगे, तब भारत को स्वच्छ और साफ रखेंगे। विद्यार्थियों को सवास्थ्य के बारे मे जानकारी होने से वे अच्छे संस्कार भी सीखेंगे।  और अपने परिवार के स्वास्थ्य के  बारे में भी जागरूक रहेंगे।      विद्यालयों में  विद्यार्थियों को  सब  कुछ  साफ रखने  की  आदत  पड  जाती है, तब वे बिना बताये  ही अपनी जगाह के साथ साथ असपास के जगहों को भी साफ और सुन्दर रखने का जिम्मेदारी ले लेंगे।  जहाँ पर सरकार या नगर पालिका अच्छा  प्रबन्धन नहीं कर पाती है, वहां  कुछ स्वैच्छिक संस्थानों  को सफाई  के  कम  सौंपना  चाहिये।  इन संस्थानों को कुछ नाममात्र भुगतान भी दिया जा सकता है।       हमें  गावों में और ज्यादा  शौचालय बनाने होंगे।  इस में नगर मुनिसिपलिटी और पंचायत की विशेष  भूमिका है। भारत की स्वच्छता की यह  कोशिश  मानव  शृंखला  बनकर  और  बढ़ेगा।  अखबार, टीवी और रेडियो पर प्रसारणों और चर्चाओं लोगों की जानकारी बढ़ेगी ।  कुछ  सालों के बाद हिंदुस्तान पश्चिमी देशों  जैसे एकदम बढिया और सुन्दर हो जाएगा।  यह   मेरी आशा

1 5 1
thanks for using my content. that is my essay.
2014-12-26T19:46:10+05:30

This Is a Certified Answer

×
Certified answers contain reliable, trustworthy information vouched for by a hand-picked team of experts. Brainly has millions of high quality answers, all of them carefully moderated by our most trusted community members, but certified answers are the finest of the finest.

    भारत, हमारा भारत देश वैसे  बहुत खूबसूरत और सुन्दर है।  हम लोगों ने कुछ दशाब्दों से इस को गंदा करके  एक दम बरबाद  किया है।  अब इस को सुधारने का वख्त आया है।            

      2 अक्टोबर 2014 को प्रधान मंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने  स्वच्छ भारत  अभियान का  आरंभ  किया।   इस का मुख्य उद्देश्य है सब सड़कों को , सार्वजनिक जगहों को कूड़ा निकलकर साफ करना, लोगोंको सफाई की तरीकें सिखाना।  बहुत लोगों ने अब तक इस अभियान में भाग लिया और काफी समय और धन भी व्यय किया।

       महात्मा गाँधी का  यह एक सपना था कि  सब  भारत वासी स्वच्छता के बारे में सीखें और उसका अमल करें।   देश भर के नेताओं ने अभियान में हिस्सा लिया और उसे जारी रखने  की  कसमें खाई। इस अभियान से सब बच्चे, बड़े और बूढ़े साफ सुधरा रहेंगे।

        हर हफ़्ते रविवार को सरकार कर्मचारी, अफसर , राजकीय नायक , प्रसिद्ध  सिनेमा कलाकार , समाजिक सेवा संघ और बहुत सारे लोग इस अभियान में भाग ले रहे हैं।  इससे गरीब लोगों के मन में सफाई और स्वास्थ्य ले बारे में विचार पैदा करना है। उन्हे अच्छे संस्कार और आजकल के तरीके सिखाना है।  बहुत जगहों पर कूड़े के डिब्बे रखे गये। और, टीवी पर विज्ञापन भी दिखाये जा रहे हैं।

      स्वच्छ भारत अभियान से सार्वजनिक स्वास्थ्य और सफाई  बढ़ेंगे  और गरीबों के पैसे भी  बचेंगे।   सिर्फ दो घंटे हर हफ़्ते  लगाना है हमें  इस काम में।   स्वच्छ भारत में  लोग ना गंदगी करेंगे और ना करने देंगे ।  इस से भारत का आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।     

    सार्वजनिक जगहों में  शौचालय  बनाना होगा  । 25,000 विद्यालयों में और गावों में  लाखों घरों में शौचालयों का निर्माण करने का प्लान किया गया  है ।   इस में  मुनिसिपलिटी और पंचायत की विशेष  भूमिका है।  ।  जहाँ पर सरकार या नगर पालिका अच्छा  प्रबन्धन नहीं कर पाती है, वहां  कुछ स्वैच्छिक संस्थानों  को सफाई  के  कम  सौंपना  चाहिये।  इन संस्थानों को कुछ नाममात्र भुगतान भी दिया जा सकता है।

           केंद्रीया  विद्या बोर्ड ने सी बि एस सी , आइ सी एस सी , राज्यों में सरकार विद्या सम्बंध बोर्डों को स्वच्छ भारत के लिये काम करने के लिये कहा  है।  और बहुत सारे विद्यालयों ने भी हर रविवार को स्वच्छता का काम  किया  है।        

       अखबार, टीवी और रेडियो पर प्रसारणों और चर्चाओं लोगों की जानकारी बढ़ेगी ।  कुछ  सालों के बाद हिंदुस्तान पश्चिमी देशों  जैसे एकदम बढिया और सुन्दर हो जाएगा।    नमामि गंगे के नाम पर गंगा नदी को सॉफ करने का काम भी शुरू किया जा रहा है।  करोड़ों रुपये खर्च किये गये और भी खर्च किये जायेंगे ।  यह अभियान पांच सालों तक चलेगा।

          हब सब लोगों का एक ही धर्म है कि अपना घर , घर के आसपास के जगहों को साफ रखें और गंदा ना करें।  मेरी  आशा है कि पांच सालों  में सब लोग स्वच्छ  भारत बनाने में अपना हिस्सा निभाएंगे और भारत का नाम दुनिया में रोशन करेंगे।


2 5 2
click on thank you link and select best answer