Answers

  • Brainly User
2015-02-25T13:16:45+05:30
2 अक्टोबर 2014 को प्रधान मंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने  स्वच्छ भारत  अभियान का  शुभ आरंभ  किया।  महात्मा गाँधी का  यह एक सपना था कि  सब  भारत वासी स्वच्छता के बारे में सीखें और उसका अमल करें।  वे पर्यवरण को साफ रखने में काफी ध्यान देते थे। स्वच्छ भारत से सार्वजनिक स्वास्थ्य और सफाई  बढ़ेंगे  और गरीबों के पैसे भी  बचेंगे।  इस से  भारत की  आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।  सिर्फ दो घंटे हर हफ़्ते  लगाना है हमें  इस काम में।   स्वच्छ भारत में  लोग ना गंदगी करेंगे और ना करने देंगे । विद्यालयों में छोटे बच्चे सफाई और स्वास्थ्य के बारे में सीखते हैं। गंदगी, कूड़ा, और कचरे से होनेवाले  नुकसान भी समझते हैं।  विद्यार्थी  बडे  हो कर जब  नागरिक  बन  जायेंगे, तब भारत को स्वच्छ और साफ रखेंगे। विद्यार्थियों को सवास्थ्य के बारे मे जानकारी होने से वे अच्छे संस्कार भी सीखेंगे।  और अपने परिवार के स्वास्थ्य के  बारे में भी जागरूक रहेंगे।  
0
2015-02-26T15:36:27+05:30
1. यही हमारा नारा है भारत को स्वच्छ बनाना है।
2. स्वच्छ भारत, सुंदर भारत ,
प्रधानमंत्री ने देश भर में 30 लाख सरकारी कर्मचारियों में शामिल हो गए जो इंडिया गेट पर एक सफाई प्रतिज्ञा, का नेतृत्व किया. उन्होंने यह भी राजपथ पर एक  झंडी दिखाकर रवाना किया और सिर्फ एक टोकन कुछ कदम के लिए नहीं में शामिल होने, लेकिन लगभग 800 मीटर की दूरी पर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के निवास तक प्रतिभागियों के साथ अग्रसर से लोगों को हैरान कर दिया.अपने संबोधन में श्री मोदी ने अभियान जो महात्मा गांधी के लिए सबसे अच्छी श्रद्धांजलि था ने कहा, "हमें संदेश 'भारत, स्वच्छ भारत छोड़ो' दे दी है.उन्होंने कहा कि शौचालय, आज सहित सफाई कार्यालयों में उनके विभागों का नेतृत्व करने के लिए नौकरशाहों और मंत्रियों को निर्देश दिया है.हाल के दिनों में, रविशंकर प्रसाद, स्मृति ईरानी और राम विलास पासवान जैसे मंत्रियों को अपने कार्यालयों के व्यापक हिस्सों में देखा गया है.गुरुवार की सुबह पर, आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री के निवास के पास की सड़कों की सफाई में देखा गया था.श्री मोदी ने महात्मा गांधी की 150 वीं जयंती के साथ मेल खाना, 2019 तक स्वच्छ भारत बनाने के लिए प्रण, उसकी मई जीत के बाद से लगभग सभी अपने सार्वजनिक भाषणों में स्वच्छता के महत्व पर बल दिया गया है. मोटे तौर पर भारत की आबादी का आधा अपने घरों, श्री
मोदी भी ठीक करने की कसम खाई है कि एक स्वास्थ्य और सुरक्षा की समस्या में शौचालय नहीं है

0