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2015-03-25T20:23:23+05:30
बहुत दिन बाद मैं कुछ लिख रही हूँ।पिछले कुछ महीनो से काम में इतना व्यस्त थी की ब्लॉग्गिंग की तरफ ध्यन नहीं गया.अब जब लिखने बैठी हूँ तो सोच रही हु की क्या लिखू मैं.चलिए बताती हूँ की मैं क्यों नहीं ब्लॉग लिख रही थी। इसी साल जनवरी में मेरे छोटे भाई की शादी हुई और फिर होली के बाद मैं मौसी बनी।हाँ जी, मेरी बड़ी बहन को एक बहुत cute और sweet सा लड़का हुआ है।अभी तो कितना छोटा है लेकिन मुझे बहुत प्यारा है।उसका नाम हमने निमिष रखा है।उसके साथ ही दिन भर खेलते रहती हूँ।बच्चों के साथ खेलना कितना अच्छा लगता है न.मुझे तो छोटे बच्चे बहुत पसंद हैं।और जब वो टूक टूक देखते हैं तो कित्ते प्यारे लगते हैं न.पहले मुझे इतने छोटे बच्चों को गोदी में लेते हुए बहुत डर लगता था।मुझे याद है की जब मेरे बड़े भैया को पहली बेटी हुई थी तो मैं तो उसे 6 महीने तक गोद में लेते हुए बहुत डरती थी।कभी कभी ही गोद में लेती थी।लेकिन अब डर नहीं लगता मुझे।अब तो मुझे उन्हें गोदी से नीचे रखने का मन ही नहीं करता।बच्चों के साथ खेलते खेलते हम भी बच्चे बन जाते हैं। मेरे पापा तो जब भी निमिष को गोदी में लेते हैं तो वो भी एकदम बच्चे से बन जाते हैं।मुझे लगता है की पापा भी उस समय बच्चे बन जाते हैं।
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